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Monday, August 27, 2012

चूल्हा


जरूरी नहीं गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा खरीदना
कोई गैस एजैन्सी उपभोक्ता को नये कनेक्शन के साथ अपने यहां से 
गैस चूल्हा खरीदने को विवश नहीं कर सकतीं।
गैस एजेन्सियां नया गैस कनेक्शन लेने पर उपभोक्ता को अनिवार्य बताते हुए गैस चूल्हा भी खरीदने को विवश करती हैं, ऐसी शिकायतें प्राय: सुनने-देखने को मिलती हैं। अब आईओएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने अपने वितरकों से से ऐसा न करने को कहा है। हमारे यहां ईंडेन, एचपी गैस और भारत नाम से रसोई गैस उपलब्ध कराई जाती है। नया गैस कनेक्शन मिलने पर सम्बन्धित एजेन्सी लगभग हर उपभोक्ता को अपने यहां से गैस स्टोव या चूल्हा खरीदने को विवश करती है जो बाज़ार से काफ़ी महंगा (और प्राय: हल्का भी) होता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को गैस एजेंसी से बिना चूल्हा खरीदे गैस कनेक्शन न देने की बात लिखकर देने को जोर देना चाहिए।
कोई गैस एजेन्सी ऐसा लिखकर देने को तैयार नहीं होगी। गैस कनैक्श लेने के लिए अधिक उतावलापन न दिखते हुए सम्बन्धित गैस कम्पनी से एजैन्सी की लिखित शिकायत करनी चाहिए। उललेखनीय है कि कोई गैस एजैन्सी उपभोक्ता को नये कनेक्शन के साथ अपने यहां से गैस चूल्हा खरीदने को विवश नहीं कर सकतीं।
 कुछ साल पहले मुझे जब ईंडेन का गैस कनेक्श न मिला ता सम्बन्धित गैस एजेंसी ने अपने यहां से गैस चूल्हा खरीदने के लिए मुझ पर काफी दवाब डाला। मेरे सामने आये 2 उपभोक्ताओं को काफी महंगा गैस चूल्हा भेड़ दिया गया। चूल्हा खरीदने की अनिवार्यता के बारे में लिखित में देने को गैस एजेंसी तैयार नहीं हुई। मुझसे धीरे से कहा गया कि चूल्हा साथ बेचने से कुछ आमदनी हो जाती है। गैस कनेक्शन और सिलेण्डर की सप्लाई पर कमीशन बहुत कम है। मुझे बाजार से खरीदे गयेआईएसआई मार्क वाले गैस चूल्हे की रसीद की रसीद दिखने को कहा गया। रसीद दिखाने पर एजेंसी का कर्मचारी चूल्हे की जांच करने मेरे घर भी आया जिसका शुल्क मुझे देना पड़ा।
• ईंडेन http://indane.co.in/  https://iocl.com/Products/indanegas.aspx 
• भारत गैस http://www.ebharatgas.com/ 
• एचपी गैस http://www.hindustanpetroleum.com
Shikayat Bol शिकायत बोल-Best Forum for Your Different Complaints

Friday, August 10, 2012

जय श्री कृष्ण

जय कन्हैया लाल की!













श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर आपको हार्दिक बधाई!

इस वर्ष श्री सनातन धर्म महिला समिति द्वारा चाणक्य प्लेस में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किन्हीं कारणों से नहीं किया जा सका है जिसका मुझे बड़ा कष्ट अनुभव हो रहा है। श्री कृष्ण भक्त क्षमा करें। श्री कृष्ण की इच्छा और कृपा हुई तो यह आयोजन फ़िर हर बरस यहां होगा।
जय श्री कृष्ण!
मन्जू गोपालन, अध्यक्ष, श्री सनातन धर्म महिला समिति

Monday, April 9, 2012

दिननि चुनाव


फ़िल्म अभिनेता आये राज बब्बर चाणक्य प्लेस में
अभिनेता-सांसद राज बब्बर के साथ कांग्रेस प्रत्याशी राहुल शर्मा (बायें)
ऐतिहासिक महापुरुष चाणक्य के नाम पर पंखा रोड के किनारे बसी उपेक्षित और बदहाल सड़कों वाली बस्ती चाणक्य प्लेस में भी पार्षद के चुनाव प्रचार की धूम मची हुई है। आज जानेमाने फ़िल्म अभिनेता और उत्तर प्रदेश की सुहाग नगरी यानी फ़ीरोज़ाबाद से कांग्रेस सांसद राज बब्बर ने अपने सम्बोधन में लोगों से कांग्रेस को वोट देने की अपील की। वार्ड संख्या ११९ (मिलाप नगर) से कांग्रेस प्रत्याशी राहुल शर्मा के पक्ष में आज चुनाव सभा आयोजित की गयी थी। अपने प्रिय अभिनेता को निकट से देखने-सुनने के लिए काफ़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौज़ूद थे। रविवार होने से आज सरकारी अवकाश था। यहां से प्रत्याशी राहुल शर्मा दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ विधायक मुकेश शर्मा
चाणक्य प्लेस निवासी यानी सम्भावित मतदाता
के भतीजे हैं सो जमकर मतदाताओं से वायदे किये जा रहे हैं। राहुल का नाम थोड़े दिनों में ही घर-घर पहुंच गया है। चुनाव प्रचार में आक्रामकता और चुस्ती है। शिक्षक परिवार में जन्मे राहुल एम.कॉम हैं। वे दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव रहे हैं। वार्ड संख्या ११९ को विकास की दृष्टि से सर्वोत्तम बनाना उनका लक्ष्य है। उनका कहना है कि वे आम आदमी के लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे।
विशाल कुमार
चाणक्य प्लेस में कांग्रेस के चुनाव प्रचार के 
दौरान अभिनेता राज बब्बर का सम्बोधन
लिन्क- http://youtu.be/PzixsRnC4kE 
टीसी चन्दर

Monday, March 5, 2012

बचिए रासायनिक रंगों के खतरों से
कार्टून: चन्दर  visit- http://cartoonholi.blogspot.in/
अपने चेहरे, बाल और शरीर के वे भाग जो रंगों के सम्पर्क में आ सकते हैं उन पर ऑलिव ऑयल या सरसों का तेल लगा लेना चाहिए। ऐसा करने से से एक सुरक्षा पर्त बन जाती है। महिलाएं नाखूनों पर गहरे रंग की नेल पालिश लगाएं इससे होली खेलने के बाद रिमूवर से नेल पालिश उतारने पर नाखूनों पर लगा रंग भी उतर जाएगा। यदि कोई चेहरे पर गाढ़ा रंग लगा दे तो तो चेहरे को तुरन्त सादा पानी से धो लें। इससे चेहरे पर रंग का असर गहरा नहीं हो पाएगा और चेहरा आसानी से साफ हो जाएगा।
रंग उतारने के लिए कभी त्वचा को बहुत ज्यादा न रगड़ें। बार-बार नहाना और चेहरा धोना भी ठीक नहीं। त्वचा पर जहां गहरे निशान पड़ गये हों वहां हलके हाथ से नीबू का छिलका रगड़ें। खटाई या अमचूर पाउडर पानी में घोलकर त्वचा पर रगड़ने से भी रंग का प्रभाव कम हो जाता है।
आप स्वयं होली खेलने के लिए प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।विशेष रूप से बच्चों पर भी नजर रखें। आजकल बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले और प्राकृतिक पदार्थों से बने रंग-गुलाल आसानी से मिल जाते हैं। आप चाहें तो थोड़ी सूझबूझ से खुद घर में ही रंग बना सकते हैं।
हर्बल रंग
हरा रंग- मेहंदी के पत्तों को सुखाकर पीसकर रख लें। इस पाउडर को रातभर पानी में भिगोकर रखें। हरा रंग तैयार हो जाएगा। इसमें आटा या मैदा मिला देने से रंग का लाइट शेड बनाया जा सकता है। पालक और धनिया जैसी सब्जियों का प्रयोग भी रंग बनाने में किया जा सकता है।
लाल रंग- लाल चन्दन पाउडर या सिन्दूर उपयोग किये जा सकते हैं। गुलाब की सूखी पंखुडि़यां, लाल गुड़हल के फूलों को पानी में भिगोकर भी रंग बनाया जा सकता है। चुकन्दर को कद्दूकस करके या पीसकर भी शानदार रंग बनाया जा सकता है।
नीला रंग- जकरन्दा या नीली अड़हुल जैसे फूलों को पीसकर बढि़या नीला रंग तैयार किया जा सकता है। इण्डिगो पेड़ की फली (बेरी) को पीसकर भी नीला रंग बनाया जा सकता है। इसमें उपयुक्त मात्रा में पानी मिलाकर उपयोग किया जा सकता है।
पीला रंग- बेसन में पिसी-छनी हल्दी (पाउडर) मिलाकर जोरदार पीला रंग बनाया जा सकता है।
रंगों में मिले रसायन
काला- लैड ऑक्साइड- गुर्दे के लिए हानिकारक,
हरा- कॉपर सल्फेट- आंखों में खुजली, अस्थायी अंधापन,
रजत (सिल्वरद)- एल्यूमीनियम ब्रोमाइड- कैंसर,
लाल- मरकरी ;पाराद्ध सल्पफेट- त्वचा में खुजली, क्रोमियम, कैडमियम युक्त होने पर- बुखार,  अस्थमा, निमोनिया, एलर्जी, आदि
अतः कड़ाई से इन रंगों से बचें। रासायनिक रंगों का खुद उपयोग न करें और दूसरों को इनका उपयोग न करने को कहें। बच्चों को भी समझाएं और उन पर नजर रखें। थोड़ी सूझबूझ से घर में ही प्राकृतिक रंग तैयार करें और होली के प्रेम भरे पावन पर्व को सुरक्षित व सही ढंग से मनाएं।
इस होली महोत्सव में प्रति व्यक्ति कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाए। जमीन नहीं है तो गमले में ही कोई नया पौधा लगाएं। यदि अभी तक आपके यहां तुलसी नहीं है तो बहुउपयोगी तुलसी का एक पौधा लगाना न भूलें।
मंजू गोपालन
देखें- मीडिया नेटवर्क भजन कीर्तन कार्टून होली  

योग

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